1960s and 70s ka Karachi, Children’s literature and education - Rumana Husain - #TPE
The Pakistan Experience
कराची की सांस्कृतिक विरासत और बच्चों की शिक्षा में साहित्य की भूमिका पर केंद्रित इस चर्चा में लेखिका और चित्रकार रुमाना हुसैन ने शहर के बदलते स्वरूप और बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण सामग्री की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। कराची के 1950 के दशक के समावेशी और विविध वातावरण को याद करते हुए, उन्होंने अनियंत्रित शहरीकरण और सांस्कृतिक पहचान के क्षरण पर चिंता व्यक्त की। शिक्षा के क्षेत्र में, उन्होंने नीरस पाठ्यपुस्तकों के बजाय कहानियों और कला के माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता और सहानुभूति विकसित करने पर जोर दिया। स्थानीय भाषाओं में बच्चों का साहित्य न केवल उनकी भाषाई समझ को मजबूत करता है, बल्कि उन्हें अपनी जड़ों से भी जोड़ता है। साथ ही, उन्होंने शिक्षकों के निरंतर प्रशिक्षण और बच्चों के लिए टेलीविजन पर बेहतर शैक्षणिक कार्यक्रमों की कमी को एक बड़ी चुनौती बताया।
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